
अंबेडकरनगर तापमान में वृद्धि व ओवरलोडिंग से अप्रैल में अब तक अलग-अलग क्षमता के 139 ट्रांसफाॅर्मर फुंक गए। इससे संबंधित क्षेत्र के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर फरवरी की तुलना में मार्च में लगभग नौ मिलियन यूनिट बिजली की खपत बढ़ कर दर्ज हुई।
मौजूदा अप्रैल माह में इसमें और बढ़ोत्तरी हो गई है।
उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली उपलब्ध कराने के लिए पावर कार्पोरेशन ने न सिर्फ नए ट्रांसफाॅर्मर लगाने बल्कि ओवरलोडेड चल रहे ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता बढ़ाए जाने का दावा किया था। इसके बावजूद जैसे जैसे तापमान में वृद्धि हो रही है अलग-अलग क्षमता के ट्रांसफाॅर्मर के फुंकने का सिलसिला भी चल रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण ओवरलोडिंग माना जा रहा है।
मौजूदा माह के 28 दिन में अलग-अलग क्षमता के 139 ट्रांसफाॅर्मर जल गए। पावर कार्पोरेशन कार्यालय के अनुसार इसमें 10 केवीए क्षमता के 34, 16 केवीए के 12, 25 केवीए के 66, 63 केवीए के 20, 100 केवीए के तीन, 250 केवीए क्षमता के चार ट्रांसफाॅर्मर शामिल हैं। मालूम हो कि मार्च में 114 ट्रांसफाॅर्मर फुंके थे। पाकर कार्पोरेशन के अनुसार फुंके ट्रांसफॉर्मर को समय रहते बदल दिया गया जिससे संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को ज्यादा समस्या नहीं हुई।
बढ़ रही बिजली की खपत
पावर कार्पोरेशन कार्यालय के अनुसार जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है बिजली की खपत भी बढ़ रही है। फरवरी में बिजली की खपत 64.9612 मिलियन यूनिट थी। मार्च में बढ़कर 73.3888 मिलियन यूनिट हो गई। ऐसे में लगभग नौ मिलियन यूनिट बिजली की खपत बढ़ गई। अब मौजूदा अप्रैल के अंत में जब आंकड़ा सामने आए तो यह खपत 15 मिलियन यूनिट और अधिक बढ़ जाने की उम्मीद है। दरअसल जैसे जैसे तापमान में वृद्धि हो रही है बिजली चालित उपकरणों का प्रयोग बढ़ गया है। फ्रिज, वॉटर कूलर, एसी, पंखा, कूलर का प्रमुखता से प्रयोग हो रहा है। जिस प्रकार से लगातार गर्मी बढ़ रही है उसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा कि अप्रैल माह में मार्च माह की तुलना में लगभग 15 मिलियन यूनिट अधिक बिजली की खपत हो जाएगी।
खपत के अनुसार मिल रही बिजली
जिले को पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध हो रही है। खपत के अनुसार बिजली जिले को उपलब्ध होती है। इसके साथ ही इसके साथ ही जिन क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर फुंकते हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बदल दिया जाता है। – अनूप कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता बिजली
